काजू प्रोसेसिंग यूनिट ₹38.9 लाख में: लागत और सब्सिडी (2026)
सरकारी मॉडल रिपोर्ट के हिसाब से काजू प्रोसेसिंग यूनिट (25 किलो/घंटा) की बेसिक यूनिट ₹38.9 लाख में लगती है। कच्चे काजू से साफ़ काजू गिरी बनाने का प्लांट। 35% सब्सिडी, अधिकतम ₹10 लाख (PMFME) — यानी ₹8.4

सरकारी मॉडल रिपोर्ट के हिसाब से काजू प्रोसेसिंग यूनिट (25 किलो/घंटा) की बेसिक यूनिट ₹38.9 लाख में लगती है। कच्चे काजू से साफ़ काजू गिरी बनाने का प्लांट। 35% सब्सिडी, अधिकतम ₹10 लाख (PMFME) — यानी ₹8.42 लाख तक मदद, आपका हिस्सा करीब ₹3.89 लाख। रिपोर्ट के बिक्री भाव आज के बाज़ार से ज़्यादा लगते हैं, इसलिए मुनाफ़ा अपने ज़िले के भाव से जाँचकर ही तय करें।
01पैसा कहाँ से आएगा?
कुल लागत ₹38.9 लाख
जेब से सिर्फ़ ₹3.89 लाख — सब्सिडी लोन खाते में जमा होती है।
लागत किस चीज़ पर?
- बिल्डिंग/सिविल₹1.5 लाख
- मशीनरी₹20.4 लाख
- अन्य/बाकी लागत₹2.14 लाख
- वर्किंग कैपिटल₹14.8 लाख
02कमाई कितनी होगी?
मुनाफ़ा इन 3 बातों पर टिका है
- कच्चे माल/इनपुट का आपके ज़िले का भाव
- आप किस भाव पर और किसे बेचेंगे
- प्लांट साल में कितने दिन, कितनी क्षमता पर चलेगा
अपने ज़िले के भाव भेजिए — हम सही हिसाब बनाकर देंगे।
03शुरू करने के 5 कदम
- ट्रेनिंग लेंकाम सीखें, ख़रीदार पहचानें
- जगह तैयार करेंशेड/कमरा, बिजली, पानी
- DPR बनवाएँबैंक के हिसाब से प्रोजेक्ट रिपोर्ट
- लोन + सब्सिडी आवेदन35% सब्सिडी, अधिकतम ₹10 लाख (PMFME)
- उत्पादन और बिक्रीअपने भाव से हिसाब पक्का करके
04किसके लिए सही है?
053 गलतियाँ जो नुकसान करती हैं
06अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सबसे ज़्यादा पैसा कहाँ लगता है?
कच्चे काजू की ख़रीद में — इस मॉडल में करीब ₹14.8 लाख वर्किंग कैपिटल है।
काजू प्रोसेसिंग यूनिट पर कौन सी सरकारी मदद है?
योग्य लागत (मशीन, तकनीकी सिविल) का 35%, अधिकतम ₹10 लाख; बैंक लोन से जुड़ी, वर्किंग कैपिटल पर नहीं।
काजू प्रोसेसिंग यूनिट से कितनी कमाई होगी?
रिपोर्ट के भाव ज़्यादा लगते हैं; हम आपके ज़िले के कच्चे माल और बिक्री भाव से हिसाब बनाकर बताते हैं।
काजू प्रोसेसिंग यूनिट — शुरू करना है?
अपना ज़िला और बजट बताइए — एक्सपर्ट मुफ़्त में अगला कदम बताएगा।
WhatsApp पर बात करें+91 86250 77758पूरी जानकारी →सीखकर शुरू करें: ₹99 मास्टरक्लास · Instagram · Facebook · YouTube
आख़िरी जाँच: 01-10-2026. आँकड़े सरकारी मॉडल रिपोर्ट पर आधारित, संकेतात्मक; DPR से पहले ताज़ा कोटेशन और स्थानीय भाव ज़रूरी। लोन/सब्सिडी बैंक तय करता है, हम तैयारी कराते हैं। स्कीम जारी रहने पर निर्भर।
Utkrishi Team
Utkrishi – एग्री बिज़नेस, DPR, सब्सिडी और बैंक लोन में मदद। +91 86250 77758