Utkrishi › बिज़नेस अवसर › देसी/रंगीन मुर्गी पैरेंट फार्म + हैचरी + मदर यूनिट (NLM)
नया बिज़नेस आइडिया · CA मॉडल, अक्टूबर 2026
🐓 देसी/रंगीन मुर्गी पैरेंट फार्म + हैचरी + मदर यूनिट (NLM) — लागत, सब्सिडी और कमाई
वनराजा/ग्रामप्रिया जैसी रंगीन देसी नस्ल के पैरेंट पक्षी रखकर चूज़े निकालें और गाँव के मुर्गीपालकों को 28 दिन के चूज़े बेचें — NLM की सबसे छोटी यूनिट।
⚠️ बड़ा प्रोजेक्ट (~₹66 लाख) और लागत वापसी ~5.6 साल — अनुभवी मुर्गीपालकों के लिए।
यूनिट कैसी होगी
| सेटअप | 1,000 मादा + 100 नर पैरेंट पक्षी (वनराजा/ग्रामप्रिया/कुरॉयलर टाइप), हैचरी (15,000 अंडे का सेटर + 5,000 का हैचर) और ब्रूडर-मदर यूनिट। |
|---|---|
| क्षमता | ~1.6 लाख अंडे/साल → ~1.2 लाख चूज़े; ~74,400 चार हफ़्ते के चूज़े + 40,000 एक दिन के चूज़े बिक्री |
| स्कीम | राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) — ग्रामीण मुर्गीपालन उद्यमिता, 50% पूंजी सब्सिडी (अधिकतम ₹25 लाख) |
लागत — मशीन और सामान
| पैरेंट शेड 3,000 sq.ft (3,000 × ₹300) | ₹9 लाख |
|---|---|
| पैरेंट चूज़े (1,000 मादा + 100 नर) (1,100 × ₹150) | ₹1.6 लाख |
| इलेक्ट्रिक ब्रूडर (2 × ₹2 हज़ार) | ₹3 हज़ार |
| फ़ीडर और ड्रिंकर | ₹16 हज़ार |
| ज़मीन विकास, बिजली, पानी | ₹6.5 लाख |
| अन्य पैरेंट यूनिट सामान | ₹3 हज़ार |
| हैचरी बिल्डिंग 800 sq.ft (800 × ₹800) | ₹6.4 लाख |
| इनक्यूबेटर/सेटर (15,000 अंडे) | ₹4 लाख |
| हैचर (5,000 अंडे) | ₹2 लाख |
| DG सेट 15 kVA (हैचरी बैकअप) | ₹3.5 लाख |
| मदर यूनिट ब्रूडिंग शेड 4,000 sq.ft (4,000 × ₹300) | ₹12 लाख |
| मदर यूनिट उपकरण (ब्रूडर, फ़ीडर, ड्रिंकर) | ₹77 हज़ार |
| अन्य मदर यूनिट सामान | ₹26 हज़ार |
| वर्किंग कैपिटल (शुरुआती चलाने का पैसा) | ₹20 लाख |
| कुल प्रोजेक्ट लागत | ₹66.3 लाख |
पैसा कहाँ से आएगा
| अनुमानित सब्सिडी* | ₹23.2 लाख |
|---|---|
| आपका हिस्सा | ₹6.6 लाख |
| बैंक लोन | ₹36.5 लाख |
| कुल | ₹66.3 लाख |
* सब्सिडी ज़्यादातर बैक-एंडेड होती है — यूनिट लगने के बाद लोन खाते में आती है। तब तक पूरा लोन चलता है।
कमाई का अंदाज़ा
| 28 दिन के चूज़े (गाँव के मुर्गीपालकों को) | 74,400 नग/साल × ₹74 |
|---|---|
| अतिरिक्त एक दिन के चूज़े | 40,000 नग/साल × ₹24 |
| छँटनी वाले पैरेंट पक्षी | 860 पक्षी/साल × ₹100 |
| सालाना बिक्री (तीसरा साल) | ₹62.6 लाख |
| शुद्ध मुनाफ़ा (तीसरा साल) | ₹12.7 लाख |
| महीने की कमाई (तीसरा साल) | ₹1.1 लाख |
| लागत वापसी | ~5.6 साल |
| बैंक की नज़र में (औसत DSCR) | 2.3 — किस्त भरने लायक कमाई |
साल-दर-साल
| साल | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
|---|---|---|---|---|---|
| बिक्री | ₹26.2 लाख | ₹54 लाख | ₹62.6 लाख | ₹64.4 लाख | ₹66.4 लाख |
| मुनाफ़ा | −₹12.8 लाख | ₹7.3 लाख | ₹12.7 लाख | ₹13.7 लाख | ₹14.6 लाख |
| महीने की कमाई | −₹1.1 लाख | ₹61 हज़ार | ₹1.1 लाख | ₹1.1 लाख | ₹1.2 लाख |
पहले साल यूनिट पूरी क्षमता पर नहीं चलती, इसलिए कमाई कम रहती है।
असली यूनिट और ख़बरें क्या कहती हैं
- ओडिशा पशुपालन विभाग का NLM मॉडल — ₹70 लाख प्रोजेक्ट — पहले साल 85,535 चूज़े × ₹74 = ₹63 लाख बिक्री; औसत DSCR 2.84। (dahvs.odisha.gov.in NLM.pdf 2025-07)
- सरपंच, झाबुआ (MP) — 400 कड़कनाथ चूज़े लिए, 5 महीने में 350 बेचे; सालाना ~₹1.8 लाख कमाई। (Down To Earth undated (c. 2016))
- किसान, झाबुआ (MP) — छोटी कड़कनाथ यूनिट — ₹45 हज़ार सालाना ख़र्च पर ₹1 लाख+ कमाई। (Down To Earth undated (c. 2016))
- कड़कनाथ फ़ार्म, बहराइच (UP) — बड़ा पक्षी ₹1,500–1,800 में बिकता है, 4–5 महीने में तैयार। (Gaon Connection 2019-09-26)
ज़रूरी लाइसेंस और कागज़
- NLM आवेदन nlm.udyamimitra.in पर (DPR, बैंक मूल्यांकन, ज़मीन के कागज़)
- राज्य पशुपालन विभाग में हैचरी रजिस्ट्रेशन (राज्य के नियम जाँचें)
- ज़रूरत हो तो राज्य प्रदूषण बोर्ड की सहमति
- ग्राम पंचायत NOC
- पैरेंट पक्षी सिर्फ़ मान्य स्रोत (CARI/ICAR/राज्य फ़ार्म) से
जोखिम — पहले जान लें
- बर्ड फ़्लू / रानीखेत से पूरा पैरेंट झुंड ख़त्म हो सकता है — सख़्त बायो-सिक्योरिटी और टीकाकरण
- बिजली गई तो हैचिंग घटती है — DG सेट ज़रूरी
- चूज़ों की मांग मौसमी है; बरसात/गर्मी में बिक्री कम
- कड़कनाथ साल में सिर्फ़ 60–70 अंडे देती है — शुद्ध कड़कनाथ फ़ार्म से बहुत कम चूज़े
- मज़दूरी + पैरेंट दाना ~₹1.9 लाख/महीना — पक्के ख़रीदार (KVK, NGO, राज्य योजनाएँ) ज़रूरी
सरकारी मॉडल से तुलना
ओडिशा का सरकारी मॉडल ₹70.13 लाख का है (3,000 sq.ft हैचरी बिल्डिंग)। हमारा मॉडल वही सामान और रेट लेता है, बस हैचरी बिल्डिंग छोटी है। सरकारी मॉडल / गाइडलाइन देखें →
Utkrishi क्या करेगा
- प्लान — आपके इलाक़े और बजट के हिसाब से साइज़ और लागत
- DPR — बैंक और स्कीम के फ़ॉर्मेट में रिपोर्ट
- फंड — सही स्कीम और लोन फ़ाइल
- कनेक्ट — भरोसेमंद सप्लायर और ट्रेनर
- लॉन्च — सेटअप से शुरुआत तक साथ
लोन के लिए आम तौर पर ज़रूरी दस्तावेज़
- आधार, PAN, 6–12 महीने का बैंक स्टेटमेंट
- ज़मीन/जगह के कागज़ या किरायानामा
- Udyam रजिस्ट्रेशन (फूड प्रोसेसिंग में FSSAI भी)
- मशीन/सेटअप के कोटेशन और बैंक-रेडी DPR
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या लोन या सब्सिडी पक्की है?
नहीं। मंज़ूरी बैंक और संबंधित विभाग तय करते हैं। हम फ़ाइल सही बनाकर आपके मौके बढ़ाते हैं।
ये आँकड़े कितने पक्के हैं?
ये मशीन कोटेशन, सरकारी मॉडल और ख़बरों पर आधारित अनुमान हैं। DPR से पहले आपके इलाक़े के ताज़ा कोटेशन और भाव लिए जाते हैं।
क्या छोटे से शुरू कर सकते हैं?
हाँ। ट्रेनिंग लेकर और पहले ख़रीदार तय करके छोटे से शुरू करना सुरक्षित है। कॉल पर आपके हिसाब से साइज़ तय करते हैं।
देसी/रंगीन मुर्गी पैरेंट फार्म + हैचरी + मदर यूनिट (NLM) पर मुफ़्त सलाह चाहिए? अपना ज़िला और बजट बताइए।
WhatsApp पर बात करेंकॉल करें +91 85305 77758* आँकड़े सरकारी मॉडल रिपोर्ट, मशीन कोटेशन और ख़बरों पर आधारित अनुमान हैं (जाँचे: 09-10-2026)। लोन/सब्सिडी बैंक और विभाग तय करते हैं, हम तैयारी कराते हैं। स्कीम जारी रहने पर निर्भर।